मुंबई-अहमदाबाद: भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन, ने अपनी निर्माण गतिविधियों में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है। 27 अगस्त, 2025 तक की स्थिति के अनुसार, परियोजना का कार्य तेजी से चल रहा है, खासकर गुजरात में, जहाँ कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए गए हैं।
मुख्य प्रगति की जानकारी:
कुल कॉरिडोर और स्टेशन: 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 12 थीम-आधारित स्टेशन (गुजरात में 8 और महाराष्ट्र में 4) शामिल हैं।
आधारभूत संरचना: परियोजना के लिए 317 किलोमीटर का वायडक्ट (उन्नत ट्रैक) और 396 किलोमीटर के पियर का निर्माण पूरा हो चुका है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि गुजरात में 17 नदियों पर पुलों का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जिनमें पार, पूर्णा, मिन्धोला, अम्बिका और दमन गंगा जैसी प्रमुख नदियाँ शामिल हैं।
ट्रैक और शोर नियंत्रण: गुजरात में 198 किलोमीटर का ट्रैक बेड बनकर तैयार है। इसके अलावा, 195 किलोमीटर के खंड पर लगभग 3,90,000 नॉइज़ बैरियर लगाए जा चुके हैं, जिससे ट्रेन के संचालन के दौरान ध्वनि प्रदूषण कम होगा।
स्टेशनों का विकास: गुजरात में स्थित सभी आठ स्टेशनों का संरचनात्मक कार्य पूरा हो गया है, और अब आंतरिक सज्जा और फिनिशिंग का काम जोर-शोर से चल रहा है। महाराष्ट्र में भी मुंबई, विरार और बोईसर स्टेशनों पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जिसमें बेस स्लैब और पहली स्लैब कास्टिंग का काम पूरा हो गया है।
महाराष्ट्र में सुरंग निर्माण: महाराष्ट्र के चुनौतीपूर्ण हिस्सों में भी काम जारी है। बीकेसी और शिलफाटा के बीच 21 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण हो रहा है, जिसमें से 4.5 किलोमीटर का हिस्सा पूरा हो चुका है। पालघर जिले में भी सात पहाड़ी सुरंगों में से 2 किलोमीटर की खुदाई पूरी कर ली गई है।
यह प्रगति दर्शाती है कि भारत का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब तेजी से मूर्त रूप ले रहा है और देश को हाई-स्पीड रेल के युग में ले जाने के लिए तैयार है।
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