किल्ला पारडी: किल्ला पारडी आईटीआई कॉलेज में इस बार रक्षाबंधन का पर्व एक नए और आध्यात्मिक रूप में मनाया गया। ब्रह्माकुमारीज़ की बहनों ने कॉलेज के विद्यार्थियों को केवल राखी बाँधने की रस्म नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपे गहरे आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व को समझाया।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी दीप्तिकाबेन, सोनमबेन, और दिशाबेन ने शिरकत की और रक्षाबंधन के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार नहीं है, बल्कि यह विश्व के रक्षक परमपिता परमेश्वर द्वारा अपने बच्चों को पवित्रता और संयम का सूत्र बाँधने का पर्व है, जो उनकी हर बुराई से रक्षा करता है।
ब्रह्माकुमारी बहनों ने छात्रों को एक प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि वे उपहारों या पैसों के बजाय अपने जीवन से व्यसन, बुराई, और दुर्गुणों को त्यागने का संकल्प लें। उन्होंने कहा, “अगर आप अपने जीवन से इन बुराइयों को दूर करने का वादा करते हैं, तो यही हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार है और यही सच्चा रक्षाबंधन है।”
इस अनोखे और प्रेरणादायक कार्यक्रम के लिए कॉलेज की प्राचार्या सुरेखाबेन टंडन ने ब्रह्माकुमारी बहनों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से विद्यार्थियों को जीवन में सही दिशा मिलती है और वे एक बेहतर इंसान बनकर समाज में योगदान कर सकते हैं। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए बेहद मूल्यवान साबित हुआ।
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